Bhagavad Gita 7.3 — 3

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 7   |   श्लोक 3
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मनुष्याणां सहस्रेषु कश्चिद्यतति सिद्धये |यततामपि सिद्धानां कश्चिन्मां वेत्ति तत्त्वतः |
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manuṣyāṇāṃ sahasreṣu kaścidyatati siddhaye .yatatāmapi siddhānāṃ kaścinmāṃ vetti tattvataḥ

📖 सरल हिंदी अर्थ

सहस्रों मनुष्यों में कोई ही मनुष्य पूर्णत्व की सिद्धि के लिए प्रयत्न करता है और उन प्रयत्नशील साधकों में भी कोई ही पुरुष मुझे तत्त्व से जानता है।

🌸 English Meaning

Among thousands of men, one strives for perfection; and among those who have achieved perfection, hardly one knows Me in truth.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 7, श्लोक 3
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्