Bhagavad Gita 6.42 — 42

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 6   |   श्लोक 42
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अथवा योगिनामेव कुले भवति धीमताम् |एतद्धि दुर्लभतरं लोके जन्म यदीदृशम् |
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athavā yogināmeva kule bhavati dhīmatām .etaddhi durlabhataraṃ loke janma yadīdṛśam

📖 सरल हिंदी अर्थ

अथवा वैराग्यवान् पुरुष उन लोकों में न जाकर ज्ञानवान् योगियों के ही कुल में जन्म लेता है। परन्तु इस प्रकार का जो यह जन्म है सो संसार में निःसन्देह अत्यन्त दुर्लभ है |

🌸 English Meaning

Orhe is born in the family of enlightened Yogis; but such a birth in this world is very difficult to obtain.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 6, श्लोक 42
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्