Bhagavad Gita 6.11 — 11

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 6   |   श्लोक 11
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शुचौ देशे प्रतिष्ठाप्य स्थिरमासनमात्मनः |नात्युच्छ्रितं नातिनीचं चैलाजिनकुशोत्तरम् |
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śucau deśe pratiṣṭhāpya sthiramāsanamātmanaḥ .nātyucchritaṃ nātinīcaṃ cailājinakuśottaram

📖 सरल हिंदी अर्थ

शुद्ध भूमि में, जिसके ऊपर क्रमशः कुशा, मृगछाला और वस्त्र बिछे हैं, जो न बहुत ऊँचा है और न बहुत नीचा, ऐसे अपने आसन को स्थिर स्थापना करके— |

🌸 English Meaning

In a clean place, having established a steady seat for himself, neither too high nor too low, covered with kusha grass, deer skin, and cloth—

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 6, श्लोक 11
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्