Bhagavad Gita 2.68 — 68

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 2   |   श्लोक 68
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तस्माद्यस्य महाबाहो निगृहीतानि सर्वशः |इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता |
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tasmādyasya mahābāho nigṛhītāni sarvaśaḥ .indriyāṇīndriyārthebhyastasya prajñā pratiṣṭhitā

📖 सरल हिंदी अर्थ

इसलिए हे महाबाहो! जिस पुरुष की इन्द्रियाँ इन्द्रियों के विषयों से सब प्रकार निग्रह की हुई हैं, उसी की बुद्धि स्थिर है |

🌸 English Meaning

Therefore, Arjuna, he whose senses are restrained in all respects from their objects, his intelligence is firmly established.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 68
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्