Bhagavad Gita 18.59 — 59

🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 18   |   श्लोक 59
❖ ───── ✦ ───── ❖
यदहंकारमाश्रित्य न योत्स्य इति मन्यसे |मिथ्यैष व्यवसायस्ते प्रकृतिस्त्वां नियोक्ष्यति |
❧ ✦ ❧
yadahaṃkāramāśritya na yotsya iti manyase .mithyaiṣa vyavasāyaste prakṛtistvāṃ niyokṣyati

📖 सरल हिंदी अर्थ

जो तू अहंकार का आश्रय लेकर यह मान रहा है कि ‘मैं युद्ध नहीं करूंगा’, तेरा यह निश्चय मिथ्या है, क्योंकि तेरा स्वभाव तुझे जबरदस्ती युद्ध में लगा देगा |

🌸 English Meaning

If you think, 'I will not fight,' taking shelter in egoism, your determination is false, for your nature will compel you to engage in battle.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 18, श्लोक 59
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्