Bhagavad Gita 14.1 — 1

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 14   |   श्लोक 1
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श्रीभगवानुवाच |परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् |यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः |
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śrībhagavānuvāca .paraṃ bhūyaḥ pravakṣyāmi jñānānāṃ jñānamuttamam .yajjñātvā munayaḥ sarve parāṃ siddhimito gatāḥ

📖 सरल हिंदी अर्थ

श्रीभगवान् ने कहा—ज्ञानों में भी अति उत्तम उस परम ज्ञान को मैं फिर कहूँगा, जिसको जानकर सब मुनिजन इस संसार से मुक्त होकर परम सिद्धि को प्राप्त हो गये हैं |

🌸 English Meaning

Shree Bhagavan said: I shall discuss once more the supreme wisdom, the best of all wisdoms, acquiring which all sages have attained highest perfection, being liberated from this mundane existence.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 14, श्लोक 1
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्