Bhagavad Gita 10.29 — 29

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 10   |   श्लोक 29
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अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् |पितॄणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् |
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anantaścāsmi nāgānāṃ varuṇo yādasāmaham .pitṝṇāmaryamā cāsmi yamaḥ saṃyamatāmaham

📖 सरल हिंदी अर्थ

मैं नागों में शेष नाग और जलचरौं का अधिपति वरुण देवता हूँ और पितरों में अर्यमा नामक पितर तथा शासन करने वालों में यमराज मैं हूँ। |

🌸 English Meaning

Among Nagas, I am the serpent-god Ananta; and I am Varuna, the lord of aquatic creatures. Among the manes, I am Aryama, and among rulers, I am Yama.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 29
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्