Bhagavad Gita 14.6 — 6

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 14   |   श्लोक 6
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तत्र सत्त्वं निर्मलत्वात्प्रकाशकमनामयम् |सुखसङ्गेन बध्नाति ज्ञानसङ्गेन चानघ |
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tatra sattvaṃ nirmalatvātprakāśakamanāmayam .sukhasaṅgena badhnāti jñānasaṅgena cānagha

📖 सरल हिंदी अर्थ

हे निष्पाप! उन तीनों गुणों में सत्वगुण तो निर्मल होने के कारण प्रकाश करने वाला और विकार रहित है, वह सुख के संबंध से और ज्ञान के संबंध से अर्थात् उसके अभिमान से बाँधता है |

🌸 English Meaning

Of these Sattva, being immaculate, is illuminating and flawless, Arjuna; it binds through identification with joy and wisdom.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 14, श्लोक 6
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्