Bhagavad Gita 10.28 — 28

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 10   |   श्लोक 28
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आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् |प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः |
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āyudhānāmahaṃ vajraṃ dhenūnāmasmi kāmadhuk .prajanaścāsmi kandarpaḥ sarpāṇāmasmi vāsukiḥ

📖 सरल हिंदी अर्थ

मैं शस्त्रों में वज्र और गौओं में कामधेनु हूँ। शास्त्रोक् रीति से सन्तान की उत्पत्ति का हेतु कामदेव हूँ, और सर्पों में सर्पराज वासुकी हूँ। |

🌸 English Meaning

Among weapons, I am the thunderbolt; among cows, I am the celestial cow Kamadhenu. I am the sexual desire which leads to procreation; among serpents, I am Vasuki.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 28
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्