Bhagavad Gita 9.28 — 28

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 9   |   श्लोक 28
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शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसे कर्मबन्धनैः |संन्यासयोगयुक्तात्मा विमुक्तो मामुपैष्यसि |
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śubhāśubhaphalairevaṃ mokṣyase karmabandhanaiḥ .saṃnyāsayogayuktātmā vimukto māmupaiṣyasi

📖 सरल हिंदी अर्थ

इस प्रकार, जिसमें समस्त कर्म मुझ भगवान् के अर्पण होते हैं—ऐसे संन्यास योग से मुक्त होकर मुझको ही प्राप्त होगा।

🌸 English Meaning

Thus, the soul who is devoted to Me, renouncing the fruits of all actions, is freed from bondage to work and attains liberation.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 9, श्लोक 28
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्