Bhagavad Gita 9.3 — 3

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 9   |   श्लोक 3
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अश्रद्दधानाः पुरुषा धर्मस्यास्य परन्तप |अप्राप्य मां निवर्तन्ते मृत्युसंसारवर्त्मनि |
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aśraddadhānāḥ puruṣā dharmasyāsya parantapa .aprāpya māṃ nivartante mṛtyusaṃsāravartmani

📖 सरल हिंदी अर्थ

हे परंतप! इस उपयुक्त धर्म में श्रद्धा रहित पुरुष मुझको न प्राप्त होकर मृत्यु रूप संसार चक्र में भ्रमण करते रहते हैं |

🌸 English Meaning

O Arjuna, those who have no faith in this dharma, O conqueror of enemies, they do not attain Me, but return to the cycle of birth and death.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 9, श्लोक 3
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्