Bhagavad Gita 2.37 — 37

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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM

भगवद्गीता

A Timeless Guide to Life
अध्याय 2   |   श्लोक 37
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हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम् |तस्मादुत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चयः |
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hato vā prāpsyasi svargaṃ jitvā vā bhokṣyase mahīm .tasmāduttiṣṭha kaunteya yuddhāya kṛtaniścayaḥ

📖 सरल हिंदी अर्थ

या तो तू युद्ध में मारा जाकर स्वर्ग को प्राप्त होगा अथवा संग्राम में जीतकर पृथ्वी का राज्य भोगेगा। इस कारण हे अर्जुन! तू युद्ध के लिये निश्चय करके खड़ा हो जा|

🌸 English Meaning

Die, and you will win heaven; conquer, and you enjoy sovereignty of the earth; therefore, stand up, Arjuna, determined to fight.

🪔 Life Lesson

इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।

Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 37
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्