Bhagavad Gita 9.17 — 17
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 9 | श्लोक 17
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पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः |वेद्यं पवित्रमोंकार ऋक्साम यजुरेव च |
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pitāhamasya jagato mātā dhātā pitāmahaḥ .vedyaṃ pavitramoṃkāra ṛksāma yajureva ca
📖 सरल हिंदी अर्थ
इस सम्पूर्ण जगत् का धाता अर्थात् धारण करने वाला एवं कर्मों के फलको देने वाला, पिता, माता ,धाता (धारण करने वाला) और पितामह हूँमैं वेद्य (जानने योग्य) वस्तु हूँ, पवित्र, ओंकार, ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद भी मैं ही हूँ।
🌸 English Meaning
I am the father of this world, the mother, the support, and the grandsire; I am the object of knowledge, the purifier, the syllable Om; I am the Rig, Sama, and Yajur Vedas.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 9, श्लोक 17
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
