Bhagavad Gita 8.16 — 16
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श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 8 | श्लोक 16
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आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन |मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते |
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ābrahmabhuvanāllokāḥ punarāvartino.arjuna .māmupetya tu kaunteya punarjanma na vidyate
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे अर्जुन ! ब्रह्मलोकपर्यन्त सब लोक पुनरावर्ती हैं, परंतु हे कुन्ती पुत्र ! मुझ को प्राप्त होकर पुनर्जन्म नहीं होता; क्योंकि मैं कालातीत हूँ और यह सब ब्रह्मादि के लोक काल के द्वारा सीमित होने से अनित्य हैं |
🌸 English Meaning
Great souls, who have attained the highest perfection, having come to Me, are no more subjected to rebirth, which is the abode of sorrow, and transient by nature.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 8, श्लोक 16
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
