Bhagavad Gita 8.13 — 13
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 8 | श्लोक 13
❖ ───── ✦ ───── ❖
ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन् |यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् |
❧ ✦ ❧
omityekākṣaraṃ brahma vyāharanmāmanusmaran .yaḥ prayāti tyajandehaṃ sa yāti paramāṃ gatim
📖 सरल हिंदी अर्थ
जो पुरुष ओऽम् इस एक अक्षर ब्रह्म का उच्चारण करता हुआ और मेरा स्मरण करता हुआ शरीर का त्याग करता है, वह परम गति को प्राप्त होता है।
🌸 English Meaning
Uttering the one-syllabled Om the Brahman and remembering Me, he who departs, leaving the body, attains to the Supreme Goal.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 8, श्लोक 13
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
