Bhagavad Gita 7.21 — 21
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 7 | श्लोक 21
❖ ───── ✦ ───── ❖
यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रद्धयार्चितुमिच्छति |तस्य तस्याचलां श्रद्धां तामेव विदधाम्यहम् |
❧ ✦ ❧
yo yo yāṃ yāṃ tanuṃ bhaktaḥ śraddhayārcitumicchati .tasya tasyācalāṃ śraddhāṃ tāmeva vidadhāmyaham
📖 सरल हिंदी अर्थ
जो-जो सकाम भक्त जिस-जिस देवता के स्वरूप को श्रद्धा से पूजना चाहता है, उस-उस भक्त की श्रद्धा को मैं उसी देवता के प्रति स्थिर करता हूँ |
🌸 English Meaning
Whatever celestial form a devoteeworships with faith, I make that faith of his steady.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 7, श्लोक 21
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
