Bhagavad Gita 6.34 — 34
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श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 6 | श्लोक 34
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चञ्चलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद् दृढम् |तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम् |
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cañcalaṃ hi manaḥ kṛṣṇa pramāthi balavad dṛḍham .tasyāhaṃ nigrahaṃ manye vāyoriva suduṣkaram
📖 सरल हिंदी अर्थ
क्योंकि हे श्रीकृष्ण! यह मन बड़ा चञ्चल, प्रमथन स्वभाव वाला, बड़ा दृढ़ और बलवान है। इसलिए उसका वश में करना मैं वायु के रोकने की भाँति अत्यन्त दुष्कर मानता हूँ|
🌸 English Meaning
For Krishna, the mind is very unsteady, turbulent, tenacious and powerful therefore, I consider it as difficult to control as the wind.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 6, श्लोक 34
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
