Bhagavad Gita 5.26 — 26
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 5 | श्लोक 26
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कामक्रोधवियुक्तानां यतीनां यतचेतसाम् |अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम् |
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kāmakrodhaviyuktānāṃ yatīnāṃ yatacetasām .abhito brahmanirvāṇaṃ vartate viditātmanām
📖 सरल हिंदी अर्थ
काम-क्रोध से रहित, जीते हुए चितवाले, परब्रह्म परमात्मा का साक्षात्कार किये हुए ज्ञानी पुरुषों के लिये सब ओर से शान्त परब्रह्म परमात्मा ही परिपूर्ण हैं |
🌸 English Meaning
To those wise men who are free from lust and anger, who have subdued their mind and have realized the Supreme Brahman, the all-pervading peaceful Supreme Brahman is present everywhere.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 5, श्लोक 26
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
