Bhagavad Gita 4.9 — 9
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 9
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जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वतः |त्यक्त्वा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन |
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janma karma ca me divyamevaṃ yo vetti tattvataḥ .tyaktvā dehaṃ punarjanma naiti māmeti so.arjuna
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे अर्जुन ! मेरे जन्म और कर्म दिव्य अर्थात् निर्मल और अलौकिक हैं—इस प्रकार जो मनुष्य तत्त्व से जान लेता है, वह शरीर को त्यागकर फिर जन्म को प्राप्त नहीं होता, किंतु मुझे ही प्राप्त होता है |
🌸 English Meaning
Arjuna, My birth and activities are divine. he who knows this in reality is not reborn on leaving his body, but comes to Me.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 9
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
