Bhagavad Gita 4.8 — 8
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 8
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परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् |धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे |
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paritrāṇāya sādhūnāṃ vināśāya ca duṣkṛtām .dharmasaṃsthāpanārthāya sambhavāmi yuge yuge
📖 सरल हिंदी अर्थ
साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिये, पाप-कर्म करने वालों का विनाश करने के लिये और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिये मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ |
🌸 English Meaning
For the protection of the virtuous, for the extirpation of evil-doers, and for establishing Dharmaon a firm footing, I born from age to age.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 8
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
