Bhagavad Gita 4.36 — 36
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 36
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अपि चेदसि पापेभ्यः सर्वेभ्यः पापकृत्तमः |सर्वं ज्ञानप्लवेनैव वृजिनं सन्तरिष्यसि |
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api cedasi pāpebhyaḥ sarvebhyaḥ pāpakṛttamaḥ .sarvaṃ jñānaplavenaiva vṛjinaṃ santariṣyasi
📖 सरल हिंदी अर्थ
यदि तू अन्य सब पापियों से भी अधिक पाप करने वाला है; तो भी तू ज्ञान रूप नौका द्वारा निःसंदेह सम्पूर्ण पाप-समुद्र से भलीभाँति तर जायेगा |
🌸 English Meaning
Even though you were the foulest of all sinners, this Knowledge alone would carry you, like a raft, across all your sin.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 36
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
