Bhagavad Gita 3.27 — 27
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 3 | श्लोक 27
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प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः |अहङ्कारविमूढात्मा कर्ताहमिति मन्यते |
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prakṛteḥ kriyamāṇāni guṇaiḥ karmāṇi sarvaśaḥ .ahaṅkāravimūḍhātmā kartāhamiti manyate
📖 सरल हिंदी अर्थ
वास्तव में सम्पूर्ण कर्म सब प्रकार से प्रकृति के गुणों द्वारा किये जाते हैं तो भी जिसका अन्तःकरण अहंकार से मोहित हो रहा है, ऐसा अज्ञानी 'मैं कर्ता हूँ' ऐसा मानता है। २७
🌸 English Meaning
All actions are being performed by the modes of Prakrti. The fool, whose mind is deluded by egoism, thinks: “I am the doer.”
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 3, श्लोक 27
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
