Bhagavad Gita 3.25 — 25
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 3 | श्लोक 25
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सक्ताः कर्मण्यविद्वांसो यथा कुर्वन्ति भारत |कुर्याद्विद्वांस्तथासक्तश्चिकीर्षुर्लोकसंग्रहम् |
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saktāḥ karmaṇyavidvāṃso yathā kurvanti bhārata .kuryādvidvāṃstathāsaktaścikīrṣurlokasaṃgraham
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे भारत ! कर्म में आसक्त हुए अज्ञानीजन जिस प्रकार कर्म करते हैं, आसक्ति रहित विद्वान् भी लोक संग्रह करना चाहता हुआ उसी प्रकार कर्म करे |
🌸 English Meaning
Arjuna, as the unwise act with attachment, so should the wise man, seeking maintenance of the world order, act without attachment.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 3, श्लोक 25
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
