Bhagavad Gita 3.1 — 1
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 3 | श्लोक 1
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अर्जुन उवाच |ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन |तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव |
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arjuna uvāca .jyāyasī cetkarmaṇaste matā buddhirjanārdana .tatkiṃ karmaṇi ghore māṃ niyojayasi keśava
📖 सरल हिंदी अर्थ
अर्जुन ने कहा—हे जनार्दन! यदि आपको कर्म की अपेक्षा ज्ञान श्रेष्ठ मान्य है तो फिर हे केशव! मुझे भयंकर कर्म में क्यों लगाते हैं? |
🌸 English Meaning
Arjuna said: Krishna, if you consider Knowledge as superior to Action, then why do You urge me to this dreadful action, Keshava!
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 3, श्लोक 1
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
