Bhagavad Gita 2.69 — 69
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 69
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या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी |यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः |
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yā niśā sarvabhūtānāṃ tasyāṃ jāgarti saṃyamī .yasyāṃ jāgrati bhūtāni sā niśā paśyato muneḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
सम्पूर्ण प्राणियों के लिये जो रात्रि के समान है, उस नित्य ज्ञानरूप परमआनन्द की प्राप्ति में स्थितप्रज्ञ योगी जागता है और जिस नाशवान सांसारिक सुख की प्राप्ति में सब प्राणी जागते हैं, परमात्मा के तत्त्व को जानने वाले मुनि के लिये वह रात्रि के समान है|
🌸 English Meaning
That which is night to all beings, in that statethe God-realized Yogi keeps awake. And thatin which all beings keep awake is night to the seer.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 69
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
