Bhagavad Gita 2.4 — 4
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 4
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अर्जुन उवाच |कथं भीष्ममहं सङ्ख्ये द्रोणं च मधुसूदन |इषुभिः प्रतियोत्स्यामि पूजार्हावरिसूदन |
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arjuna uvāca .kathaṃ bhīṣmamahaṃ saṅkhye droṇaṃ ca madhusūdana .iṣubhiḥ pratiyotsyāmi pūjārhāvarisūdana
📖 सरल हिंदी अर्थ
अर्जुन ने कहा— हे मधुसूदन! मैं रणभूमि में किस प्रकार वाणों से भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य के विरुद्ध लड़ूँगा? क्योंकि हे अरिसूदन! वे दोनों ही पूजनीय हैं|
🌸 English Meaning
Arjuna said: How, Krishna, shall I fightBhishma and Drona with arrows on the battlefield? They are worthy of deepest reverence, O destroyer of foes.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 4
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
