Bhagavad Gita 2.33 — 33
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 33
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अथ चेत्त्वमिमं धर्म्यं संग्रामं न करिष्यसि |ततः स्वधर्मं कीर्तिं च हित्वा पापमवाप्स्यसि |
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atha cettvamimaṃ dharmyaṃ saṃgrāmaṃ na kariṣyasi .tataḥ svadharmaṃ kīrtiṃ ca hitvā pāpamavāpsyasi
📖 सरल हिंदी अर्थ
किंतु यदि तू इस धर्म युक्त युद्ध को नहीं करेगा तो स्वधर्म और कीर्ति को खोकर पाप को प्राप्त होगा|
🌸 English Meaning
Now, if you refuse to fight this righteous war, then, shirking your duty and losing your reputation, you will incur sin.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 33
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
