Bhagavad Gita 2.3 — 3
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 3
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क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते |क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप |
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klaibyaṃ mā sma gamaḥ pārtha naitattvayyupapadyate .kṣudraṃ hṛdayadaurbalyaṃ tyaktvottiṣṭha parantapa
📖 सरल हिंदी अर्थ
इसलिए हे अर्जुन! नपुंसकता को मत प्राप्त हो, तुझमें यह उचित नहीं जान पड़ती। हे परन्तप! हृदय की तुच्छ दुर्बलता को त्याग कर युद्ध के लिये खड़ा हो जा |
🌸 English Meaning
Yield not to unmanliness, Arjuna; ill does it become you. Shaking off this paltry faint-heartedness stand up, O scorcher of enemies.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 3
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
