Bhagavad Gita 18.7 — 7
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 18 | श्लोक 7
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नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते |मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः |
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niyatasya tu saṃnyāsaḥ karmaṇo nopapadyate .mohāttasya parityāgastāmasaḥ parikīrtitaḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
निषिद्ध और काम्य कर्मों का तो स्वभाव से त्याग करना उचित ही है परंतु नियत कर्म का स्वभाव से त्याग करना उचित नहीं है। इसलिये मोह के कारण उसका त्याग कर देना तामस त्याग कहा गया है |
🌸 English Meaning
But it is not advisable to abandon a prescribed duty. Its abandonment through ignorance has been declared as Tamasika.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 18, श्लोक 7
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
