Bhagavad Gita 18.66 — 66
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 18 | श्लोक 66
❖ ───── ✦ ───── ❖
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः |
❧ ✦ ❧
sarvadharmānparityajya māmekaṃ śaraṇaṃ vraja .ahaṃ tvāṃ sarvapāpebhyo mokṣyayiṣyāmi mā śucaḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
सम्पूर्ण धर्मों को अर्थात् सम्पूर्ण कर्तव्य कर्मों को मुझमें त्याग कर तू केवल एक मुझ सर्वशक्तिमान्, सर्वधार परमेश्वर की ही शरण में आ जा। मैं तुझे सम्पूर्ण पापों से मुक्त कर दूँगा, तू शोक मत कर।
🌸 English Meaning
Resigning all your duties to Me, the all-powerful and all-supporting Lord, take refuge in Me alone. I shall absolve you of all sins, worry not.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 18, श्लोक 66
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
