Bhagavad Gita 18.56 — 56
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 18 | श्लोक 56
❖ ───── ✦ ───── ❖
सर्वकर्माण्यपि सदा कुर्वाणो मद्व्यपाश्रयः |मत्प्रसादादवाप्नोति शाश्वतं पदमव्ययम् |
❧ ✦ ❧
sarvakarmāṇyapi sadā kurvāṇo madvyapāśrayaḥ .matprasādādavāpnoti śāśvataṃ padamavyayam
📖 सरल हिंदी अर्थ
मेरे परायण हुआ कर्मयोगी तो सम्पूर्ण कर्मों को सदा करता हुआ भी मेरी कृपा से सनातन अविनाशी परमपद को प्राप्त हो जाता है |
🌸 English Meaning
The Karmayogi, however, who depends on Me, attains by My grace the eternal, imperishable state, even though performing all actions.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 18, श्लोक 56
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
