Bhagavad Gita 18.50 — 50
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 18 | श्लोक 50
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सिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाप्नोति निबोध मे |समासेनैव कौन्तेय निष्ठा ज्ञानस्य या परा |
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siddhiṃ prāpto yathā brahma tathāpnoti nibodha me .samāsenaiva kaunteya niṣṭhā jñānasya yā parā
📖 सरल हिंदी अर्थ
जो कि ज्ञानयोग की पराकाष्ठा है, उस नैष्कर्म्य सिद्धि को जिस प्रकार से प्राप्त होकर मनुष्य ब्रह्म को प्राप्त होता है, उस प्रकार को हे कुन्तीपुत्र! तू संक्षेप में ही मुझसे समझ |
🌸 English Meaning
Arjuna, know from Me only briefly the process through which man having attained actionlessness, which is the highest consummation of Jñanayogareaches Brahma.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 18, श्लोक 50
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
