Bhagavad Gita 14.14 — 14
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 14 | श्लोक 14
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यदा सत्त्वे प्रवृद्धे तु प्रलयं याति देहभृत् |तदोत्तमविदां लोकानमलान्प्रतिपद्यते |
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yadā sattve pravṛddhe tu pralayaṃ yāti dehabhṛt .tadottamavidāṃ lokānamalānpratipadyate
📖 सरल हिंदी अर्थ
जब यह मनुष्य सत्त्वगुण की वृद्धि में मृत्यु को प्राप्त होता है, तब तो उत्तम कर्म करने वालों के निर्मल दिव्य स्वर्गादि लोकों को प्राप्त होता है |
🌸 English Meaning
When a man dies during the preponderance of Sattva, he obtains the stainless ethereal worldattained by men of noble deeds.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 14, श्लोक 14
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
