Bhagavad Gita 13.6 — 6
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 13 | श्लोक 6
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महाभूतान्यहंकारो बुद्धिरव्यक्तमेव च |इन्द्रियाणि दशैकं च पञ्च चेन्द्रियगोचराः |
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mahābhūtānyahaṃkāro buddhiravyaktameva ca .indriyāṇi daśaikaṃ ca pañca cendriyagocarāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
पाँच महाभूत, अहंकार, बुद्धि और मूल प्रकृति भी; तथा दस इन्द्रियाँ, एक मन और पाँच इन्द्रियों के विषय अर्थात् शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध—
🌸 English Meaning
The five elements, the ego, the intellect, the Unmanifest, the ten organs, the mind, and the five objects of sense;—
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 13, श्लोक 6
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
