Bhagavad Gita 13.29 — 29
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 13 | श्लोक 29
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समं पश्यन्हि सर्वत्र समवस्थितमीश्वरम् |न हिनस्त्यात्मनात्मानं ततो याति परां गतिम् |
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samaṃ paśyanhi sarvatra samavasthitamīśvaram .na hinastyātmanātmānaṃ tato yāti parāṃ gatim
📖 सरल हिंदी अर्थ
क्योंकि जो पुरुष सब में समभाव से स्थित परमेश्वर को समान देखता हुआ अपने द्वारा अपने को नष्ट नहीं करता, इससे वह परम गति को प्राप्त होता है ॥
🌸 English Meaning
For, he who kills not himself by himself be seeing the supreme Lord, equally present in all, as one, thereby reaches the supreme state.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 13, श्लोक 29
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
