Bhagavad Gita 11.3 — 3
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 3
❖ ───── ✦ ───── ❖
एवमेतद्यथात्थ त्वमात्मानं परमेश्वर |द्रष्टुमिच्छामि ते रूपमैश्वरं पुरुषोत्तम |
❧ ✦ ❧
evametadyathāttha tvamātmānaṃ parameśvara .draṣṭumicchāmi te rūpamaiśvaraṃ puruṣottama
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे परमेश्वर! आप अपने को जैसा कहते हैं, यह ठीक ऐसा ही है; परंतु हे पुरुषोत्तम! आपके ज्ञान, ऐश्वर्य, शक्ति, बल, वीर्य और तेजसे युक्त ऐश्वररूप को मैं प्रत्यक्ष देखना चाहता हूँ। |
🌸 English Meaning
Your divine form possessed of wisdom, glory, energy, strength, valour and effulgence, O best of persons!
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 3
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
