Bhagavad Gita 11.26 — 26
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 26
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अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्राःसर्वे सहैवावनिपालसङ्घैः |भीष्मो द्रोणः सूतपुत्रस्तथासौसहास्मदीयैरपि योधमुख्यैः |
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amī ca tvāṃ dhṛtarāṣṭrasya putrāḥ sarve sahaivāvanipālasaṅghaiḥ .bhīṣmo droṇaḥ sūtaputrastathāsau sahāsmadīyairapi yodhamukhyaiḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
वे सभी धृतराष्ट्र के पुत्र राजाओं के समुदाय सहित और भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य तथा वह कर्ण और हमारे पक्ष के भी प्रधान योद्धाओं के सहित सब-के-सब आपके दाढ़ों के कारण विकराल भयानक मुखों में बड़े वेग से दौड़ते हुए प्रवेश कर रहे हैं |
🌸 English Meaning
All those sons of Dhrtarastra with hosts of kings are entering You.Bhishma, Drona and yonder Karna, with the principal warriors on our side as well, are rushing headlong into Your fearful mouths.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 26
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
