Bhagavad Gita 11.15 — 15
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 15
❖ ───── ✦ ───── ❖
अर्जुन उवाच |पश्यामि देवांस्तव देव देहेसर्वांस्तथा भूतविशेषसङ्घान् |ब्रह्माणमीशं कमलासनस्थ-मृषींश्च सर्वानुरगांश्च दिव्यान् |
❧ ✦ ❧
arjuna uvāca .paśyāmi devāṃstava deva dehe sarvāṃstathā bhūtaviśeṣasaṅghān .brahmāṇamīśaṃ kamalāsanasthaṃ ṛṣīṃśca sarvānuragāṃśca divyān
📖 सरल हिंदी अर्थ
अर्जुन ने कहा—हे देव! मैं आपके शरीर में सम्पूर्ण देवों को तथा अनेक भूतों के समुदायों को, कमल के आसन पर विराजित ब्रह्मा को, महादेव को और सम्पूर्ण ऋषियों को तथा दिव्य सपाँ को देखता हूँ |
🌸 English Meaning
Arjuna said—O Lord! I see in Your body all the gods and also the hosts of various beings, Brahma seated on the lotus, the great god Shiva, and all the sages and divine serpents.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 15
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
