Bhagavad Gita 11.14 — 14
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 14
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ततः स विस्मयाविष्टो हृष्टरोमा धनञ्जयः |प्रणम्य शिरसा देवं कृताञ्जलिरभाषत |
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tataḥ sa vismayāviṣṭo hṛṣṭaromā dhanañjayaḥ .praṇamya śirasā devaṃ kṛtāñjalirabhāṣata
📖 सरल हिंदी अर्थ
उसके अनन्तर वह आश्चर्य से चकित और पुलकित शरीर, अर्जुन प्रकाशमय विश्व रूप परमात्मा को श्रद्धा-भक्ति सहित सिर से प्रणाम करके हाथ जोड़कर बोला |
🌸 English Meaning
Then Arjuna, full of wonder and with the hair standing on end, reverentially bowed his head to the divine Lord, and with joined palms addressed Him thus.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 14
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
