Bhagavad Gita 10.38 — 38
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 38
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दण्डो दमयतामस्मि नीतिरस्मि जिगीषताम् |मौनं चैवास्मि गुह्यानां ज्ञानं ज्ञानवतामहम् |
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daṇḍo damayatāmasmi nītirasmi jigīṣatām .maunaṃ caivāsmi guhyānāṃ jñānaṃ jñānavatāmaham
📖 सरल हिंदी अर्थ
मैं दमन करने वालों का दण्ड अर्थात् दमन करने की शक्ति हूँ, जीतने की इच्छा वालों की नीति हूँ, गुप्त रखने योग्य भावों का रक्षक मौन हूँ और ज्ञानवानों का तत्व ज्ञान मैं ही हूँ |
🌸 English Meaning
I am the subduing power in rulers; I am righteousness in those who seek to conquer. Of things to be kept secret, I am the custodian in the shape of reticence; and I am the wisdom of the wise.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 38
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
