Bhagavad Gita 10.34 — 34
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 34
❖ ───── ✦ ───── ❖
मृत्युः सर्वहरश्चाहमुद्भवश्च भविष्यताम् |कीर्तिः श्रीर्वाक्च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृतिः क्षमा |
❧ ✦ ❧
mṛtyuḥ sarvaharaścāhamudbhavaśca bhaviṣyatām .kīrtiḥ śrīrvākca nārīṇāṃ smṛtirmedhā dhṛtiḥ kṣamā
📖 सरल हिंदी अर्थ
मैं सबका नाश करने वाला मृत्यु और उत्पन्न होने वालों का उत्पत्ति हेतु हूँ तथा स्त्रियों में कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा हूँ। |
🌸 English Meaning
I am the all-destroying Death that snatches all, and the origin of all that shall be born. Among women, I am Kirti, Shree, Vak, Smrti, Medha, Dhrti and Ksama.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 34
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
