Bhagavad Gita 10.10 — 10
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 10
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तेषां सततयुक्तानां भजतां प्रीतिपूर्वकम् |ददामि बुद्धियोगं तं येन मामुपयान्ति ते |
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teṣāṃ satatayuktānāṃ bhajatāṃ prītipūrvakam .dadāmi buddhiyogaṃ taṃ yena māmupayānti te
📖 सरल हिंदी अर्थ
उन निरंतर मेरे ध्यान आदि में लगे हुए और प्रेमपूर्वक भजने वाले भक्तों को मैं वह तत्त्व ज्ञान रूप योग देता हूँ, जिससे वे मुझको ही प्राप्त होते हैं|
🌸 English Meaning
On those ever united through meditation, with Me and worshipping Me with love, I confer that Yoga of wisdom through which they come to Me.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 10
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
