Bhagavad Gita 10.1 — 1
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 1
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श्रीभगवानुवाच |भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः |यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया |
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śrībhagavānuvāca .bhūya eva mahābāho śṛṇu me paramaṃ vacaḥ .yatte.ahaṃ prīyamāṇāya vakṣyāmi hitakāmyayā
📖 सरल हिंदी अर्थ
श्रीभगवान ने कहा—हे महाबाहो! फिर भी मेरे परम रहस्य और प्रभावयुक्त वचन को सुन, जिसे मैं तुझ अतिशय प्रेम रखने वाले के लिये हित की इच्छा से कहूँगा |
🌸 English Meaning
Shree Bhagavan said: Arjuna, hear once again My supreme word, which I shall speak to you, who are so loving, out of solicitude for your welfare.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 1
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
