Bhagavad Gita 1.21 — 21
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 1 | श्लोक 21
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अर्जुन उवाच |सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत |
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hṛṣīkeśaṃ tadā vākyamidamāha mahīpate .arjuna uvāca .senayorubhayormadhye rathaṃ sthāpaya me.acyuta
📖 सरल हिंदी अर्थ
तब हे पृथिवीपति (कृष्ण), हृषीकेश (कृष्ण) ने कहा, हे अच्युत, सेनाओं के मध्य में मेरा रथ स्थापित करो। और जब तक कि मैं युद्ध क्षेत्र में डटे हुए युद्ध के अभिलाषी इन विपक्षी योद्धाओं को भली प्रकार देख लूँ कि इस युद्ध रूप व्यापार में मुझे किन-किन के साथ युद्ध करना योग्य है, तब तक उसे खड़ा रखिये |
🌸 English Meaning
Then, O King, Hrishikeshasaid these words: Place my chariot in the midst of the armies, O Achyuta. And keep it there till I have carefully observed these warriors drawn up for battle, and have seen with whom I have to engage in this fight.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 1, श्लोक 21
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
