Bhagavad Gita 1.18 — 18
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 1 | श्लोक 18
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द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वशः पृथिवीपते |सौभद्रश्च महाबाहुः शङ्खान्दध्मुः पृथक्पृथक् |
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drupado draupadeyāśca sarvaśaḥ pṛthivīpate .saubhadraśca mahābāhuḥ śaṅkhāndadhmuḥ pṛthakpṛthak
📖 सरल हिंदी अर्थ
राजा द्रुपद एवं द्रौपदी के पाँचों पुत्र और बड़ी भुजावाले सुभद्रा पुत्र अभिमन्यु—इन सभी ने, हे राजन्! सब और से अलग-अलग शंख बजाये |
🌸 English Meaning
and the sons of Drupada and Draupadi, and the mighty-armed Subhadra's son Abhimanyu—all of them, O King, blew their respective conches separately.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 1, श्लोक 18
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
