Bhagavad Gita 16.15 — 15
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श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 16 | श्लोक 15
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आढ्योऽभिजनवानस्मि कोऽन्योऽस्ति सदृशो मया |यक्ष्ये दास्यामि मोदिष्य इत्यज्ञानविमोहिताः |
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āḍhyo.abhijanavānasmi ko.anyo.asti sadṛśo mayā .yakṣye dāsyāmi modiṣya ityajñānavimohitāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
मैं बड़ा धनी और बड़े कुल वाला हूँ, मेरे समान दूसरा कौन है? मैं यज्ञ करूँगा, दान दूँगा और आनन्द मनाऊँगा—ऐसे अज्ञान और मोहित रहने वाले |
🌸 English Meaning
I am wealthy and own a large family; who else is like unto me? I will sacrifice to gods, I will give alms, I will make merry.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 16, श्लोक 15
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
