Bhagavad Gita 14.18 — 18
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 14 | श्लोक 18
❖ ───── ✦ ───── ❖
ऊर्ध्वं गच्छन्ति सत्त्वस्था मध्ये तिष्ठन्ति राजसाः |जघन्यगुणवृत्तिस्था अधो गच्छन्ति तामसाः |
❧ ✦ ❧
ūrdhvaṃ gacchanti sattvasthā madhye tiṣṭhanti rājasāḥ .jaghanyaguṇavṛttisthā adho gacchanti tāmasāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
सत्त्वगुण में स्थित पुरुष स्वर्गादि उच्च लोकों को जाते हैं, रजोगुण में स्थित राजस पुरुष मध्य में अर्थात् मनुष्यलोक में ही रहते हैं और तमोगुण के कार्यरूप निद्रा, प्रमाद और आलस्यादि में स्थित तामस पुरुष अधोगति को अर्थात् कीट, पशु आदि नीच योनियों को तथा नरकों को प्राप्त होते हैं |
🌸 English Meaning
Those established in Sattva ascend upwards; those in Rajas remain in the middle; and those in Tamas go downwards.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 14, श्लोक 18
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
