Bhagavad Gita 14.5 — 5
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 14 | श्लोक 5
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सत्त्वं रजस्तम इति गुणाः प्रकृतिसम्भवाः |निबध्नन्ति महाबाहो देहे देहिनमव्ययम् |
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sattvaṃ rajastama iti guṇāḥ prakṛtisambhavāḥ .nibadhnanti mahābāho dehe dehinamavyayam
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे अर्जुन ! सत्त्वगुण, रजोगुण और तमोगुण—ये प्रकृति से उत्पन्न तीनों गुण अविनाशी जीवात्मा को शरीर में बाँधते हैं |
🌸 English Meaning
Sattva, Rajas and Tamas—these three qualities born of Prakriti bind the imperishable soul to the body, O mighty-armed Arjuna.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 14, श्लोक 5
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
