Bhagavad Gita 13.30 — 30
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 13 | श्लोक 30
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प्रकृत्यैव च कर्माणि क्रियमाणानि सर्वशः |यः पश्यति तथात्मानमकर्तारं स पश्यति |
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prakṛtyaiva ca karmāṇi kriyamāṇāni sarvaśaḥ .yaḥ paśyati tathātmānamakartāraṃ sa paśyati
📖 सरल हिंदी अर्थ
और जो पुरुष सम्पूर्ण कर्मों को सब प्रकार से प्रकृति के द्वारा ही किये जाते हुए देखता है और आत्मा को अकर्ता देखता है, वही यथार्थ देखता है ॥
🌸 English Meaning
And he alone really sees, who sees all actions being performed in every way by Prakrti alone, and the Self as the non-doer.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 13, श्लोक 30
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
