Bhagavad Gita 11.8 — 8
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 8
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न तु मां शक्यसे द्रष्टुमनेनैव स्वचक्षुषा |दिव्यं ददामि ते चक्षुः पश्य मे योगमैश्वरम् |
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na tu māṃ śakyase draṣṭumanenaiva svacakṣuṣā .divyaṃ dadāmi te cakṣuḥ paśya me yogamaiśvaram
📖 सरल हिंदी अर्थ
परन्तु मुझको तू इन प्राकृत नेत्रों द्वारा देखने में निःसन्देह समर्थ नहीं है; इसी से मैं तुझे दिव्य अर्थात् अलौकिक चक्षु देता हूँ, उससे तू मेरी ईश्वरिय योग शक्ति को देख |
🌸 English Meaning
But surely you cannot see Me with these human eyes of yours; therefore, I vouchsafe to you the divine eye. With this you behold My divine power of Yoga.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 8
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
